टी20 वर्ल्ड कप का पहला सीजन और महेंद्र सिंह धोनी की अगुवाई वाली युवा टीम इंडिया, जिससे शायद ही किसी ने इस टूर्नामेंट में इतना उम्दा प्रदर्शन की उम्मीद की हो, आखिर उस टीम के साथ अगर कोई भारत को विश्व कप दिला सकता था तो सचमुच वह महेंद्र सिंह धोनी ही थे.
आज हर क्रिकेटप्रेमी एक बार फिर 2007 के उस पल को याद करते हुए यही सोच रहा है, कि क्या भारत एक बार फिर 2022 में होने वाले टी20 वर्ल्ड कप को जीत कर, इस फॉर्मेट का अपना दूसरा ख़िताब हासिल कर सकता है, या उसके लिए टीम इंडिया को अभी और इंतजार करना पड़ेगा.
जब भारत ने जीता पहला टी20 वर्ल्ड कप, यादगार लम्हों के 15 वर्ष पूरे
24 सितम्बर 2007 वो यादगार दिन जब कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की अगुवाई वाली युवा टीम इंडिया ने आईसीसी वर्ल्ड टी20 के फाइनल में पाकिस्तान को 5 रनों से हराते हुए टी20 वर्ल्ड कप का पहला एडिशन अपने नाम कर लिया. यह मैच साउथ अफ्रीका के जोहानिसबर्ग (वांडरर्स स्टेडियम) में खेला गया था.
इस मैच को लोग महेंद्र सिंह धोनी के फैसले और जोगिंदर शर्मा की बॉल पर मिस्बाह उल हक का एस श्रीसंथ के हाथों वो एतिहासिक कैच के लिए भी याद रखते हैं, इस फाइनल मैच में इरफ़ान पठान को उनके बेहतरीन गेंदबाजी 4 ओवर में महज 16 रन देते हुए 3 विकेट लेने के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया था.
पहले गंभीर-रोहित की बल्लेबाजी फिर इरफ़ान-आरपी की घातक गेंदबाजी
इस ऐतिहासिक फाइनल में टीम इंडिया ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला करते हुए गौतम गंभीर 54 बॉल पर 75 रन, रोहित शर्मा 16 बॉल पर नाबाद 30* रन, युवराज सिंह 19 रन, यूसुफ पठान 15 रन, कप्तान धोनी 10 रन, उथप्पा 8 रन की बदौलत 20 ओवर में 5 विकेट के नुकसान पर 157 रन तक पहुंचने में सफल रही.
जवाब में 158 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तान की पारी बेहतरीन भारतीय गेंदबाजी के आगे लड़खड़ाती हुई नजर आई, इरफान पठान 4 ओवर 16 रन 3 विकेट, आरपी सिंह 4 ओवर 26 रन 3 विकेट, जोगिंदर शर्मा 3.3 ओवर 20 रन 2 विकेट और एस श्रीसंथ 4 ओवर 44 रन 1 विकेट के आगे पाकिस्तान की पूरी टीम 19.3 ओवर 152 रन के स्कोर पर ऑल-आउट हो गई और महेंद्र सिंह धोनी की अगुवाई वाली टीम इंडिया ने 5 रन से इस फाइनल मुकाबले को जीत लिया.