IPL Teams Owners Rules: इंडियन प्रीमियर (IPL) लीग यानी आईपीएल में एक चलन देखने को मिला- टीम मालिक का कप्तान पर गुस्सा होना। इस चलन को लखनऊ सुपर जायंट्स के मालिक संजीव गोयनका को पिछले दो सीजन में दोहराते हुए देखा गया है। पिछले सीजन (2024) संजीव गोयनका को लखनऊ के कप्तान केएल राहुल पर गुस्सा करते देखा गया था। इस बार उन्हें टीम के नए कप्तान से गुस्सा होते देखा गया। क्या टीम मालिक का खिलाड़ियों पर गुस्सा होना ठीक है? आइए जानते हैं कि इस बारे में आईपीएल का नियम क्या कहता है।

टीम मालिक का खिलाड़ियों पर गुस्सा होने का नियम (IPL)

तो आपको बता दें कि आईपीएल की तरफ से ऐसा कोई नियम स्पष्ट नहीं किया गया है कि टीम के मालिक खिलाड़ियों से किस तरह से बातचीत कर सकते हैं। लेकिन आईपीएल जैसी और प्रोफेशनल और बड़ी क्रिकेट लीग में फ्रेंचाइजी के मालिकों से यह उम्मीद जरूर की जा सकती है कि वह खिलाड़ियों के साथ पेशेवर तरीके से पेश आएं।

फ्रेंचाइजी के मालिक कप्तान या किसी खिलाड़ी के प्रदर्शन से असंतुष्टि जरूर व्यक्त कर सकते हैं, लेकिन किसी भी खिलाड़ी पर बीच मैदान में गुस्सा करना प्रोफेशनलिज्म नहीं दिखाता है। इस तरह बीच मैदान पर खिलाड़ी पर गुस्सा दिखाना खिलाड़ी का मनोबल को तोड़ सकता है और उसकी छवि भी खराब हो सकती है।

कोच और टीम मैनेजमेंट पर खिलाड़ियों की जिम्मेदारी (IPL)

बताते चलें कि टीम के खिलाड़ियों की जिम्मेदारी अक्सर कोच और टीम मैनेजमेंट पर होती है। कोच, कप्तान और टीम मैनेजमेंट ही यह तय करते हैं कि किसका प्रदर्शन अच्छा है और किसका नहीं, किसको आराम देना है और किसको खिलाना है।

चर्चा में रहे संजीव गोयनका

गौरतलब है कि लखनऊ के मालिक संजीव गोयनका आईपीएल के पिछले सीजन से ही चर्चा का विषय रहे। पिछले सीजन में वह लखनऊ के त्तकालीन कप्तान केएल राहुल पर गुस्सा करते हुए नजर आए थे। वहीं 2025 के सीजन में लखनऊ के मैच हारने के बाद टीम के नए कप्तान ऋषभ पंत से बातचीत करते हुए नजर आए थे।

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